दुर्गा सप्तशती अनुसठान

Availability :
Yes
Travel Charge :
Free
Description :
हमारे सनातन धर्म में किसी भी अनुष्ठान की पूर्णता हवन के माध्यम से ही की जाती है। देवी जी की आराधना में हवन का विशेष महत्व होता है। हवन के उपरांत कन्या-भोज कराया जाता है। श्रद्धालुगण महानिशा-पूजा का हवन यथाशक्ति व सामर्थ्य अनुसार संपन्न कर सकते हैं। किन्तु जिन श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण तेरह अध्यायों का पाठ किया गया हो उन्हें दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से हवन करना एवं प्रत्येक अध्याय की विशेष आहुति जिसे महाआहुति कहा जाता है, अर्पण करना श्रेयस्कर रहता है।
Rs. 3100.00